Monday, 1 October 2018

ग्रहों की शांति के कुछ उपाय


ग्रहों को अनुकूल करने हेतु कुछ सरल उपाय 



सूर्य
पिता का  सम्मान करें। विष्णु पूजा करें।
गेहूँ, गुड और तांबे का दान करें
अपना चरित्र उत्तम रखे।
तांबे का सिक्का बहते हुए पानी में बहाएँ।
एक मुखी रूद्राक्ष धारण करें।
सूर्य यंत्र स्थ्रापित कर इनकी नियमित पूजा करें।
रिश्वत खोरी न करें।
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौ स: सूर्याय नम: मंत्र का जाप करें।

चन्द्रमा
माता का सम्मान करें शिव आराधना करें।
चांदी, चावल और दूध का दान करें।
ॐ श्रां श्री श्रौं स: चंद्राय नम: मंत्र का जाप करें।

मंगल
भाई की सेवा करें। हनुमान जी की पूजा करें।
मसूर की दाल बहते हुए पानी में बहाएं।
तीन मुखी रूद्राक्ष धारण करें।
मंगल यंत्र स्थापित कर इनकी नियमित पूजा करें।
ॐ क्रां क्रीं कौं स: भौमाय: नम: मंत्र का जाप करें।

बुध
बहन, बुआ, मौसी से आशीर्वाद प्राप्त करें।
सुराख वाला तांबे का पैसा बहते पानी में बहाएं।
मां दुर्गा की पूजा करे।
चार मुखी रूद्राक्ष धारण करे।
बुध यंत्र स्थापित कर इनकी नियमित पूजा करे।
ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरूवे नम: मंत्र का जाप करें।

शुक्र
स्त्री का सम्मान करें।
लक्ष्मी की उपासना करें।
गोदान करें।
छ: मुखी रूद्राक्ष धारण करे।
शुक्र यंत्र स्थापित कर इनकी नियमित पूजा करें।
ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम: मंत्र का जाप करें ।

शनि
मीट और शराब का सेवन न करें।
नौकरों कों प्रसन्न रखे।
भैरों की उपासना करें।
सात मुखी रूद्राक्ष धारण करे।
शनि यंत्र स्थापित कर इनकी नियमित पूजा करें।
ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनये नम: मंत्र का जाप करें।

राहु
सरस्वती पूजन करें।
बिजली का सामान घर में ठीक से रखें।
आठ मुखी रूद्राक्ष धारण करें।
राहु यंत्र स्थापित कर इनकी नियमित पूजा करें।
ॐ भ्रां भ्रीं भौं स: राहवे नम:।

केतु
गणेश जी की पूजा करें।
काला-सफेद कुत्ता घर में पाले।
नौ मुखी रूद्राक्ष धारण करें।
केतु यंत्र स्थापित कर इनकी नियमित पूजा करें।
ॐ स्रां स्रीं स्रौं स: केतवे नम: मंत्र का जाप करें।


आचार्य अनुपम जौली, रमल शास्त्री

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